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12.12.08

आ रहा हूँ अमरूद खाने

कहाँ? वहीं, जहाँ के मशहूर हैं! हो सकती है मुलाकात, तो बढ़िया हो। वैसे जाना मुझे उसी -पुर में है जिस -बाद में वह है। इस शनिवार और इतवार। तेरह दिसंबर की दोपहर से १४ दिसंबर की दोपहर के बीच।


इससे बड़ा नक्शा देखें

अफ़सोस कि पहले बता न पाया, ध्यान ही नहीं रहा! मुलाकात न हो पाए तो कोई बात नहीं, गलती मेरी ही है।

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05:27 बजे आलोक द्वारा।
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2 छींटाकसी -
Blogger Gyan Dutt Pandey ने अर्ज़ किया है...
वेलकम!
Blogger Debashish ने अर्ज़ किया है...
कभी वहाँ भी तशरीफ़ लायें जहाँ अमरूद पेरु कहलाये जाते हैं :)
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