दिलचस्प बात यह है कि ओर्कुट और फ़ेसबुक को हिन्दी आती है लेकिन बाकी दोनो भाई फ़िलहाल उतने दक्ष नहीं हैं।
अब चारों भाई यही पूछेंगे कि भई क्या कर रहे हो, तो कितनों को जवाब देते फिरोगे। यही कहोगे न कि नौ दो ग्यारह हो रहे हैं।लेबल: ऑन्लाइन दोस्ती
12:27 बजे आलोक द्वारा।
© Alok Kumar alok at devanaagarii dot net, 2002-2012, सीऍसऍस © डब्ल्यू ३ सी .