जस्टिन.टीवी वालों ने वीडियो देखने और चढ़ाने की सुहूलियत दी हुई है। अपने पास तो ब्रोडबैंड है नहीं, आपको पास हो तो लुत्फ़ उठाएँ।
लेबल: मस्ती
08:04 बजे आलोक द्वारा।यह तो पता नहीं कि इससे होता क्या है, लेकिन इन्होंने मुफ़्त में उतारने की सुविधा दी हुई है, यदि चाहें तो आजमा सकते हैं। मूलतः स्वस्थ ऊर्जा का इस्तेमाल करने में अधिक सुहूलियत हो इसके लिए बनाया गया है।
08:06 बजे आलोक द्वारा।
क्लिक.इन के जरिए आप फ़ोकट में विज्ञापन छाप सकते हैं। अभी एक विज्ञापन खुद छाप के देखता हूँ, अरे नहीं, डाक पता देना पड़ेगा। इत्ता समय नहीं है अभी, सोना भी है आखिर।
पर अगर किसी ने आजमाई हो तो बताएँ कैसी है यह सुविधा।
लेबल: व्यापार
22:15 बजे आलोक द्वारा।वह भी एक दिन में पचास।
और उन्हें नौ दो ग्यारह करने का भी।
चलो इस बहाने मैंने कुछ लिखा।
अफ़सोस भी हुआ, कि इतने सालों से बे-छींटाकसी वाले लेखों पर १ की संख्या दिखने लगी, पर उसे फिर से सिफ़र पे लाना पड़ा!लेबल: तकनीक
21:57 बजे आलोक द्वारा।वह भी कुद का पतीसा खा के। दरअसल ज़्यादा कुछ है नहीं इसमें और हो सकता है कोई संपादक-वंपादक अब तक इस पर कैंची चला चुका हो पर लिख तो डाला ही। ये बात सही है कि अनुवाद के बजाय ताज़ा माल लिखना उतना ही बढ़िया लगता है जितना कुद का पतीसा खाना।
कई साल(यानी अन्तर्जाल के साल, वास्तव में हफ़्ते) पहले यह सोचा था कि हिन्दी के लेखों में जित्ते भी अहिन्दी विकीपीडिया संदर्भ हैं उनकी फ़ेरहिस्त तैयार की जाए। पर चौदहवीं का चाँद देखने से फुरसत मिले तब न। वैसे फ़िल्म अच्छी थी।
आजकल डॉक्सीजॅन को आजमा रहा हूँ। बढ़िया चीज़ है। अपना काम अधिकतर सी प्लस प्लस में है लेकिन इसके जरिए जावा और सी प्लस प्लस दोनो के लिए एक ही तरह के दस्तावेज़ बनाए जा सकते हैं, और वह भी कूट के अन्दर ही अन्दर। बस देखना यह है कि दोनो पहिए एक साथ कब तक और कैसे चलते हैं।
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